बाराबंकी/फतेहपुर: तहसील फतेहपुर के थाना कुर्सी क्षेत्र के ग्राम टिकरहार में इन दिनों बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन का खेल बेखौफ जारी है। जेसीबी मशीनों से लगातार धरती की खुदाई कर डंपरों में मिट्टी भरी जा रही है और उसे जनपद लखनऊ के महिंगवा थाना क्षेत्र में ले जाकर डंप किया जा रहा है। पूरे इलाके में दिन-रात चल रही इस गतिविधि ने हालात को बेहद गंभीर बना दिया है।

मौके पर हालात यह हैं कि भारी डंपरों की आवाजाही से सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं, जिससे आम लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही उड़ते धूल-गर्दे ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है—हवा में फैली मिट्टी लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन रही है और आसपास का माहौल पूरी तरह प्रदूषित होता जा रहा है।

सबसे बड़ा सवाल इस पूरे मामले की वैधता को लेकर खड़ा हो रहा है। इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस खनन कार्य के बावजूद मौके पर न तो किसी प्रकार की रॉयल्टी का कोई स्पष्ट प्रमाण नजर आ रहा है और न ही कोई अनुमति/परमिट से संबंधित बोर्ड दिखाई दे रहा है। ऐसे में यह पूरा ऑपरेशन संदेह के घेरे में है और इसकी पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगते हैं।
इतनी बड़ी गतिविधि का लगातार जारी रहना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है—क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखी की जा रही है? जिस तरह से खुलेआम मशीनें चल रही हैं और डंपर दौड़ रहे हैं, वह व्यवस्था की कार्यशैली पर सीधे सवाल खड़े करता है।
अगर समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो सड़कें पूरी तरह ध्वस्त हो सकती हैं और क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति और भी भयावह रूप ले सकती है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कब तक इस पर प्रभावी कार्रवाई होती है।