मो. अलीम की रिपोर्ट
लखनऊ राजधानी :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति और भू-माफिया पर बुलडोजर कार्रवाई के दावों के बीच राजधानी लखनऊ से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोमतीनगर निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बी.के. सिंह पर सरकारी और लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की जमीनों पर कब्जे व बिक्री के 29 मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद न तो बुलडोजर चला और न ही संपत्ति अटैच की गई। विजिलेंस जांच भी लंबित बताई जा रही है।
(29 मुकदमों का लंबा आपराधिक इतिहास)
प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार वीरेंद्र कुमार सिंह उर्फ वी.के. सिंह पुत्र स्व. रूप नारायण सिंह, निवासी 2/73, विराम खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ के खिलाफ 1993 से 2022 तक कुल 29 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें धोखाधड़ी, जालसाजी, सरकारी जमीन पर कब्जा, गुंडा एक्ट, एससी एसटी एक्ट, खनन एक्ट और एनआई एक्ट जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
(LDA की जमीन पर कब्जे का मामला भी दर्ज)
सबसे ताजा मामला मु.अ.सं. 0086/22 का है जो गोमतीनगर विस्तार थाने में दर्ज है। इसमें धारा 447, 448, 26A(L) के तहत LDA की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में विजिलेंस जांच के आदेश भी हुए थे, लेकिन जांच अभी तक लंबित है।
(बुलडोजर कार्रवाई से क्यों बचे बी.के. सिंह)
प्रदेश में भू-माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने और गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति अटैच करने की ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। मगर 29 मुकदमों वाले बी.के. सिंह के खिलाफ न तो बुलडोजर की कार्रवाई हुई और न ही गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति अटैच की गई। 2004 से 2008 के बीच गुंडा एक्ट के तहत भी कई मुकदमे दर्ज हैं, फिर भी कार्रवाई शून्य है।
(गोमतीनगर थाने में सबसे ज्यादा केस)
दस्तावेज बताते हैं कि अधिकांश मुकदमे थाना गोमतीनगर में दर्ज हैं। 2002 से 2008 के बीच लगातार धोखाधड़ी, जालसाजी, धमकी और मारपीट के केस दर्ज हुए। 2004 में थाना जरवल, बहराइच में खनन एक्ट का मुकदमा भी दर्ज है। 2016 में वजीरगंज और 2017 में गोमतीनगर थाने में भी गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुए।

(सवाल जो जवाब मांगते हैं)
1. बुलडोजर क्यों नहीं: जब छोटे आरोपियों पर बुलडोजर चल रहा है तो 29 मुकदमे वाले बी.के. सिंह पर कार्रवाई क्यों नहीं।
2. संपत्ति अटैच क्यों नहीं: गुंडा एक्ट और सरकारी जमीन कब्जे के केस के बाद भी गैंगस्टर एक्ट में संपत्ति क्यों नहीं अटैच की गई।
3. विजिलेंस जांच लंबित क्यों: LDA की जमीन के मामले में विजिलेंस जांच वर्षों से लंबित क्यों है।
4. संरक्षण किसका: इतने मुकदमों के बाद भी आरोपी खुलेआम कैसे घूम रहा है, क्या उसे किसी का संरक्षण प्राप्त है।
(प्रशासन मौन)
इस मामले में जब LDA और पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। LDA के अधिकारी का कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि विवेचना जारी है। विजिलेंस विभाग के अधिकारी जांच लंबित होने की बात स्वीकार कर रहे हैं।
सरकारी जमीनों को खुर्दबुर्द करने के इतने मुकदमे दर्ज होने के बाद भी बुलडोजर व संपत्ति अटैच की कार्रवाई का अभाव योगी सरकार की भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश की मंशा पर सवाल खड़े करता है। जनता पूछ रही है कि आखिर बी.के. सिंह को बचाने वाला कौन है।