मर्दन खेड़ा में गरजे किसान, बड़े आंदोलन की तैयारी तेज।

लखनऊ जिले के मर्दन खेड़ा गांव में भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक की एक विशाल किसान बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र भर से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने भाग लिया। बैठक में किसानों की बदहाल स्थिति, फसलों के उचित दाम, बिजली संकट, छुट्टा पशुओं से फसलों की बर्बादी और प्रशासनिक उपेक्षा जैसे मुद्दों पर जमकर चर्चा हुई। साथ ही आने वाले समय में बड़े किसान आंदोलन की रणनीति भी तैयार की गई।

मर्दन खेड़ा में गरजे किसान, बड़े आंदोलन की तैयारी तेज।

बैठक को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश सिंह चौहान ने कहा कि किसान आज सबसे ज्यादा परेशान है, लेकिन उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। सरकारें किसानों से बड़े-बड़े वादे करती हैं, लेकिन जमीन पर किसानों को राहत नहीं मिल रही। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी।

मर्दन खेड़ा में गरजे किसान, बड़े आंदोलन की तैयारी तेज।

उन्होंने कहा कि खेत में मेहनत करने वाला किसान आज अपनी ही फसल का सही मूल्य पाने के लिए भटक रहा है। छुट्टा पशु किसानों की मेहनत बर्बाद कर रहे हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है और अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते किसान परेशान हो चुका है। अब किसान चुप बैठने वाला नहीं है।

बैठक में मौजूद राजेंद्र लोधी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक गांव-गांव जाकर किसानों को संगठित करेगी और उनकी आवाज को मजबूती के साथ उठाएगी। अमित यादव ने कहा कि किसान एकजुट रहेगा तो उसकी ताकत को कोई दबा नहीं सकता। वहीं अर्जुन सिंह ने कहा कि किसान हितों की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है और भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक किसानों के सम्मान के लिए हर संघर्ष करने को तैयार है।

बैठक के दौरान कई किसानों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। किसानों ने बताया कि समय पर खाद और बीज नहीं मिल रहा है, सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं दी जा रही और सरकारी योजनाओं का लाभ भी जरूरतमंद किसानों तक नहीं पहुंच पा रहा। किसानों ने प्रशासन से तत्काल समाधान की मांग की।

बैठक के अंत में भारतीय किसान यूनियन लोकतांत्रिक के पदाधिकारियों और उपस्थित किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में किसान साथी मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में किसान एकता और संघर्ष का मजबूत संदेश देखने को मिला।

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