दिल्ली:- भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने समाज को एकता, भाईचारे और मानव सेवा का संदेश देते हुए कहा कि आज के दौर में हर व्यक्ति चाहता है कि उसके दुख-सुख मे परिवार रिश्तेदार और हर समाज के लोग उसके साथ खड़े रहे जैसे भाई-बहन, चाचा-चाची, ताऊ ताई, मामा-मामी दादा-दादी नाना-नानी अड़ोस-पड़ोस और जनता का साथ हर इंसान चाहता है लेकिन सबसे पहले बात यह है कि क्या हम खुद कभी किसी के जरुरतमंद के साथ खड़े हुए
उन्होंने कहा कि कि इंसानियत का सबसे बड़ा धर्म यही है कि हम एक-दूसरे का सहारा बने और हर दुख-सुख, पीड़ित और मजदूर व्यक्ति की मदद करें समाज तभी मजबूत बन सकता है जब लोग मिलकर चलें और अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएं
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि आज समाज मे बड़ रही दुरियां को खत्म करने की जरूरत है अगर लोग एक-दूसरे का दर्द समझें और सहयोग करें तो कई समस्याओं का समाधान अपने आप हो सकता है उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे मानव अधिकारों और समाज सेवा के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और जरुरतमंद लोगों की आवाज बनें उन्होंने कहा कि असली सम्मान और पहचान उसी व्यक्ति की होती है जो दूसरे के दुःख में साथ देता है मानवता भाईचारा और एकता ही समाज को मजबूत बनाने की सबसे बड़ी ताकत है