दिल्ली: भारतीय मानवाधिकार महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नरेश शर्मा ने कहा कि नगर कौंसिल चुनावों से पहले शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नज़र आ रही है सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के कारण जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गये है जिससे आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है सड़कों,गलियों और बाजारों में फैली गंदगी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया।
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के पदाधिकारी नरेश शर्मा, सुखविंदर सिंह, अमीर शर्मा , कुलदीप शर्मा, राजेश कुमार, कुलदीप शर्मा , रमन तंगरालीयां , रमेश कुमार, विजय कुमार, सतपाल,अजय पाल,राजन जसविंदर सिंह, यशपाल सिंह गुरबख्श सिंह सहोता, सतनाम सिंह, सतपाल सिंह, बूटा राम, तरसेम महाजन, कमलदीप बंटी, विकास मिनहास, जितेंद्र सिंह, सुरेन्द्र ठाकुर पप्पा,लेखराज,अमर सिंह चक, राजेश कुमार ,कर्म सिंह , सोनू थापड़,हरि मित्र शर्मा, प्रदीप कुमार,जय राम,मनु रामपाल, मनजीत सिंह, हरप्रीत सिंह बेगमपुरीया, महिला मोर्चा बलविंदर कौर खालसा, हरमिंदर कौर, अल्का देवी, अंजू बाला, सीमा देवी आदि पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने कहा कि चुनावी माहौल के बीच शहर की यह स्थिति प्रशासन और जिम्मेदार नेताओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है यदि समय रहते कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया गया होता और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई होती तो आज लोगों को इस परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
भारतीय मानवाधिकार महासंघ के सभी पदाधिकारियों ने कहा कि शहर मे जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर अब लोगों का ” स्वागत” मे पड़े हुए है जिससे बीमारियों का ख़तरा भी बढ़ता जा रहा है जनता बदबू और गंदगी से परेशान हैं लेकिन संबंधित विभाग, अधिकारियों और शासन प्रशासन को समस्याओं का स्थाई समाधान की और ध्यान नही दे रहें।
भारतीय मानवाधिकार महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों की जायज़ मांगों पर तुरंत बातचीत कर समाधान निकाला जाएं ताकि हड़ताल समाप्त हो सकें और शहर की सफाई व्यवस्था दोबारा सुचारू हो सकें।
महासंघ ने लोगों से अपील की कि चुनावों के समय ऐसे प्रतिनिधियों को चुना जाएं जो जनता की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता दें और विकास के साथ साथ सफाई व्यवस्था पर गंभीरता से काम करें।