विनोद पाण्डेय की ब्यूरो रिपोर्ट
उत्तराखण्ड/ चमोली: माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सड़क सुरक्षा के संबंध में जारी ऐतिहासिक निर्देशों के क्रम में आज दिनांक 11 मई 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में पुलिस कार्यालय गोपेश्वर में एक महत्वपूर्ण समन्वय गोष्ठी आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पँवार एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली पुनीत कुमार की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई।

गोष्ठी के दौरान बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं जनपद के अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने और अनाधिकृत पार्किंग को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन पर विशेष चर्चा की गई । यह निर्णय लिया गया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (NHIDCL) को माननीय न्यायालय के आदेशों से अवगत कराते हुए इनका कड़ाई से पालन कराया जाएगा। साथ ही, भविष्य में इस संबंध में विधिक सेवा प्राधिकरण में भी संबंधित पक्षों को बुलाकर चर्चा की जाएगी। गोष्ठी में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनाधिकृत रूप से खड़े एवं पार्क किए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही किए जाने पर सहमति बनी। बैठक में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित विभागों के मध्य समन्वय स्थापित कर ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर भी चर्चा की गई।
पुलिस उपाधीक्षक यातायात त्रिवेंद्र सिंह राणा ने जानकारी दी कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए ‘आई-रेड’ (iRAD) एप का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर केवल दुर्घटना की सूचना ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े कई सूक्ष्म डेटा बिंदु भी दर्ज किए जाते हैं। इसमें दुर्घटना का सटीक समय, शामिल वाहनों के प्रकार और चालकों के विवरण के साथ-साथ सड़क की बनावट, मौसम की स्थिति और दृश्यता जैसे महत्वपूर्ण कारक भरे जा रहे है। न्यायालय के निर्देशों के क्रम में, iRAD से प्राप्त इसी व्यापक डेटा के आधार पर राजमार्ग के ‘ब्लैक स्पॉट्स’ का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जा रहा है। दुर्घटना संभावित इन क्षेत्रों में तकनीकी सुधार करते हुए स्पष्ट चेतावनी बोर्ड और सीसीटीवी कैमरों भी लगाए गए है। इन प्रयासों के माध्यम से भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को न्यूनतम करना और यात्रियों के लिए यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है।
गोष्ठी के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चमोली द्वारा कहा गया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 13अप्रैल 2026 को फलोदी दुर्घटना बनाम भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं अन्य वाद में पारित निर्णय के अनुपालन में जिला प्रशासन, पुलिस, परिवहन विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं यातायात व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने हेतु शीघ्र ही एक व्यापक समन्वय गोष्ठी आयोजित की जाएगी,उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता का विषय है, जिसके लिए सभी विभागों एवं आमजन का सहयोग आवश्यक है। इस दौरान एडवोकेट समीर बहुगुणा (मुख्य कानूनी सहायता रक्षा परामर्शदाता) मौजूद रहें।