मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला,मानसिक समस्याओं को छुपायें नही खुलकर करें बात ठीक हो जायेंगे – डॉ अर्चना विश्वास

उरई(जालौन) – मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं से आज हर व्यक्ति जूझ रहा है, और कही न कही वह इसका शिकार हो रहा है आज प्रत्येक व्यक्ति को इसकी सही जानकारी हो, इसी उद्देश्य को लेकर जिले में कार्यरत सामाजिक संस्था-प्रयास जन उत्थान समिति,दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी सभागार उरई जालौन में एक दिवसीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला,मानसिक समस्याओं को छुपायें नही खुलकर करें बात ठीक हो जायेंगे - डॉ अर्चना विश्वास

जिसमें मुख्य अतिथि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एव नोडल अधिकारी जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम डा० अरविन्द भूषणविशिष्ट अतिथि डॉ जे जे राम बरिष्ठ परामर्शदाता उपस्थित रहे।

मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला,मानसिक समस्याओं को छुपायें नही खुलकर करें बात ठीक हो जायेंगे - डॉ अर्चना विश्वास

इस कार्यशाला में प्रयास संस्था टीम(कार्यकर्ता)/फ्रंट लाईन वर्कर्स, तथा हिंसा के शिकार पीड़ितों एवं बंचित समुदाय की महिलाओं को मानसिक स्वास्थ्य की बारीकियों समस्याओं व समाधान के बारे में समझाया गया।

प्रशिक्षण कार्यशाला में डॉ अर्चना विश्वास क्लीनिकल साइकेट्रिक ने छोटे छोटे वीडियो क्लिप के माध्यम से जाति, हिंसा, उत्पीड़न की शिकार महिलाओं की मानो समाजिक स्तिथि और हिंसा के बाद उनके जीवन व शरीर पर पढ़ने बाले प्रभाव को समझाया साथ ही क्लिनिकल परामर्श दिया की आप कैसे सही जानकारी से मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकते है। खासकर थेरेपी सेशन को करवाया की खुशी हम सबके लिए जरूरी है वही दिनेश सिंह साइकेट्रिक सोशल वर्कर ने मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया कि जिला पुरुष अस्पताल में बने मनकक्ष मे जाकर आप उपचार व परामर्श ले सकते है। श्रीमती आकांक्षा देवी साइकेट्रिक नर्स व अलीज़ा ने उपस्थित प्रतिभागियों को मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी।

प्रयास जन उत्थान समिति व दलित डिग्निटी एंड जस्टिस सेंटर के संस्थापक/संयोजक एड. कुलदीप कुमार बौद्ध ने मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 2017 के बारे में बिस्तार से जानकारी दी साथ ही बताया की हम आप सबको मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए इस मुद्दे पर काम करने की जरूरत है क्योंकि आज हर व्यक्ति इसका शिकार हो रहा है, प्रशिक्षण के बाद आगे की प्लानिंग की गई, आगे जिले में मानसिक स्वास्थ्य व हिंसा के शिकार पीड़ितों पर स्टडी करने व मानसिक स्वास्थ्य के प्रति गांव व पंचायत स्तर पर लोगों को जागरूक करने का प्लान बनाया गया संस्था की ओर से एड.निकहत परवीन, अनुराधा बौद्ध, सचिन कुमार, मधु अनुरागी, प्रदीप, अनिता सुरेंद्र, ऊषा देबेन्द्र, शालिनी बौद्ध, नंदकुमार, एड.आदिल खान(चंबल वाले गुरु जी),प्रदुम्न, अजय सिंह, स्नेशराजा सहित 35 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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