सावित्री बाई फूले की 129वीं पुण्यतिथि।

बद्री लाल माली की रिपोर्ट:
गुरला/भीलवाड़ा – तमाम भारतीय दलित महिला आंदोलन के साथ-साथ महात्मा ज्योतिराव फूले के लिए भी सावित्री बाई फूले का योगदान सराहनीय रहा। सावित्री बाई फूले देश में महिला शिक्षा की अग्रदूत है भारत में प्रथम महिला शिक्षिका के रूप में ख्यात सावित्री बाई फूले आज के इस दौर में भी महिलाओं के लिए प्रेरणा का बड़ा अध्याय है। यह विचार फूले सेवा संस्थान के अध्यक्ष गोपाल लाल माली ने सावित्री बाई फूले की 129वीं पुण्यतिथि पर आयोजित पुष्पांजलि कार्यक्रम में व्यक्त किये।

कार्यक्रम के पूर्व फूले के अनुयायियों द्वारा देवरिया बालाजी के पास स्थित महात्मा ज्योतिबा फूले मूर्ति परिसर में सावित्री बाई फूले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धाजंली दी और उन्हें नमन करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर राजस्थान प्रदेश माली (सैनी) महासभा के जिला महामंत्री सत्यनारायण माली, जिला मंत्री मूरलीधर सैनी, जिला यूनेस्को संगठन के अध्यक्ष ललित अग्रवाल, यूनेस्को की प्रवक्ता श्रीमती मधु लोढा, फूले सेवा संस्थान के कोषाध्यक्ष शंकर लाल गोयल, माली समाज सम्पत्ति ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष बंशी लाल माली, माली सैनी कर्मचारी संस्थान के सचिव कन्हैया लाल बुलीवाल, भैरूलाल माली, लक्ष्मण सरिवाल, सुरेन्द्र सैनी, सम्पत बुलिवाल, मोहन बुलिवाल, सोशल मीडिया प्रभारी रोशन माली, चौथमल माली सहित कई लोग उपस्थित थे।

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