सौरभ जायसवाल की रिपोर्ट
बृजमनगंज के शाहाबाद सहकारी समिति पर शनिवार को किसानों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तेज धूप में घंटों लाइन में खड़े किसान खाद के लिए परेशान नजर आए। किसानों ने समिति पर खाद वितरण में भारी अनियमितता और मनमानी का आरोप लगाया है।
किसानों का कहना है कि खाद लेने के लिए किसान फार्मर कार्ड अनिवार्य किया जा रहा है, वहीं अधिक खेती करने वाले किसानों को भी मात्र दो बोरी यूरिया देकर वापस किया जा रहा है। किसानों के अनुसार दो बोरी यूरिया से खेती का काम संभव नहीं है।
मटिहनवा निवासी किसान सराजुद्दीन ने आरोप लगाया कि उन्होंने 7 मई को छह बोरी यूरिया और दो बोरी डीएपी लिया था, लेकिन घर पहुंचने के बाद मोबाइल पर आए मैसेज में आठ बोरी यूरिया और चार बोरी डीएपी चढ़ा दिया गया। उन्होंने इसे बड़ी गड़बड़ी बताते हुए जांच की मांग की है।
वहीं किसान शिवप्रसाद चौरसिया ने बताया कि उन्हें केवल दो बोरी यूरिया मिला। उन्होंने कहा कि इतनी कम खाद मिलने से खेती प्रभावित होगी।
फुलमनहा निवासी किसान श्रीराम प्रसाद ने बताया कि शनिवार को दो बोरी यूरिया के लिए उनसे 560 रुपये लिए गए, जबकि बाद में मोबाइल पर 533 रुपये का मैसेज आया। किसानों ने निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली और पल्लेदारी के नाम पर अतिरिक्त पैसा लेने का भी आरोप लगाया है।किसानों ने प्रशासन से खाद वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराकर किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।