बृजमनगंज: घरेलु गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन चूल्हा की बिक्री में भारी उछाल, कई जगह हुआ ऑउट ऑफ स्टॉक।

सौरभ जायसवाल की रिपोर्ट 

महराजगंज/बृजमनगंज: नगर पंचायत बृजमनगंज में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और लगातार बढ़ती कीमतों के बीच अब लोगों ने रसोई के लिए वैकल्पिक इंतजाम तलाशने शुरू कर दिए हैं. बृजमनगंज में एलपीजी गैस की कमी ने रसोई का पूरा ट्रेंड बदल दिया है. घरेलू उपयोग के लिए अब बड़े पैमाने पर लोग इंडक्शन चूल्हों की ओर रुख कर रहे हैं. एलपीजी की सीमित उपलब्धता के कारण इंडक्शन चूल्हों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है. पहले जहां महीने में मुश्किल से चार–पांच इंडक्शन बिकते थे, वहीं अब रोजाना कई पीस बिक रहे हैं. प्रकाश इलेक्ट्रॉनिक्स के प्रोपराइटर अनिल जायसवाल, शिव इलेक्ट्रॉनिक के प्रोपराइटर एसपी जायसवाल और नेशनल इलेक्ट्रॉनिक के प्रोपराइटर अब्दुल अजीज खान का कहना है कि गैस सिलेंडर महंगा होने और समय पर उपलब्ध नहीं होने की समस्या के चलते बड़ी संख्या में लोग अब इलेक्ट्रिक किचन उपकरणों की ओर रुख कर रहे हैं. इसका असर यह है कि बाजार में इंडक्शन चूल्हे, इलेक्ट्रिक केतली, राइस कुकर और माइक्रोवेव जैसे उपकरणों की मांग अचानक कई गुना बढ़ गई है.

दुकान के मालिकों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में इंडक्शन चूल्हों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में 10 से 20 गुना तक बढ़ गई है. स्थिति यह है कि कई दुकानों पर इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है और नए ऑर्डर देने पड़ रहे हैं. दुकानदारों के अनुसार पहले जहां दिनभर में एक-दो इंडक्शन चूल्हे बिकते थे, वहीं अब दर्जनों की संख्या में ग्राहक इन्हें खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं.
उपलब्धता बेहद कम अनिल जायसवाल के मुताबिक 1600 वॉट से लेकर 3000 वॉट तक के हाई-पावर इंडक्शन की सबसे ज्यादा मांग है, क्योंकि ये जल्दी गर्म होते हैं और कम समय में खाना तैयार कर देते हैं. शिव जायसवाल ने बताया कि कई ग्राहक कमर्शियल इंडक्शन मांग रहे हैं, लेकिन बाजार में उपलब्धता बेहद कम है, जिसके कारण कई खरीदारों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के लिए कंपनियां तैयार नहीं थीं. इंडक्शन चूल्हों के कई आवश्यक कंपोनेंट विदेशों से मंगाए जाते हैं, जिनमें करीब 20% हिस्से चीन से आते हैं. सप्लाई सीमित होने से उत्पादन बढ़ाना कंपनियों के लिए चुनौती बना हुआ है.
कीमतें बढ़ सकती है
अब्दुल अजीज खान का कहना है कि अभी कीमतों में बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन बाजार में चर्चा है कि अगर कंपोनेंट की कमी बढ़ी तो दरें 5 से 10 फीसदी तक बढ़ सकती हैं. बाजारों के अलावा ऑनलाइन मार्केट में भी इंडक्शन की बिक्री जोरों से हो रही है. इंस्टेंट डिलीवरी एप पर कई कंपनियों के स्टॉक खत्म हो गए हैं. ऑर्डर करने पहले इंडक्शन सोल्ड आउट बता रहे हैं.

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